परिचय
संख्या में छोटा होने के बावजूद जैन समुदाय ने भारत की आर्थिक, नैतिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अहिंसा, अपरिग्रह, सत्य और अनेकांतवाद जैसे सिद्धांतों पर आधारित जैन दर्शन ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित किया है।
1. भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान
जैन समुदाय ने व्यापार, उद्योग, वित्त, वस्त्र, रत्न-आभूषण और औषधि उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सामाजिक कल्याण में उनका योगदान सराहनीय है।
2. राजनीति और शासन
प्राचीन काल से जैन संतों ने शासकों को नैतिक शासन का मार्ग दिखाया। आधुनिक भारत में भी जैन नेता ईमानदार राजनीति के समर्थक रहे हैं।
3. देशभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन
जैन समुदाय ने अहिंसक स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेकर आर्थिक, वैचारिक और नैतिक समर्थन दिया।
4. शिक्षा
जैन समाज ने विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और पुस्तकालयों की स्थापना की है तथा ज्ञान के संरक्षण में योगदान दिया है।

5. विज्ञान और अनुसंधान
जैन दर्शन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध है। आज भी जैन वैज्ञानिक, चिकित्सक और शोधकर्ता राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
6. व्यापार और उद्योग

जैन उद्योगपति नैतिकता, विश्वास और दीर्घकालिक दृष्टि के लिए जाने जाते हैं।
7. कला और साहित्य
जैन मंदिर, मूर्तिकला, चित्रकला और साहित्य भारत की सांस्कृतिक धरोहर हैं।
8. जैन धर्म और इतिहास
जैन धर्म शांति, सहिष्णुता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। इतिहास में जैन समुदाय ने भारतीय मूल्यों को संरक्षित रखा है।
निष्कर्ष
जैन समुदाय का योगदान उसकी संख्या से नहीं बल्कि उसके मूल्यों से आंका जाता है। यह नैतिकता और विकास का आदर्श उदाहरण है।

